Save Tree, Save Life- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ

Wednesday, 8 November 2017

Ramban Ilaj
आसमान में सुबह सुबह जो कोहरा दिखाई दे रहा है वो असल में कोहरा नहीं है। ये वो जहरीली चादर है जिसने आपको घेर रखा है। इसे Smog कहते हैं। इस वातावरण में सांस लेना आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। आपको सांस और फेफड़ों से संबंधित ऐसी बीमारियां हो सकती हैं जो जिंदगी भर आपका पीछा नहीं छोड़ेंगी। बढ़ें प्रदूषण ने पिछले 3 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बार सामान्य से 42 गुना ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया। 

Prevention of Smog in Hindi



आखिर क्या है ये स्मॉग / What Is Smog ?
स्मोक और फॉग दो शब्दों से मिलकर बना है। जब कोहरे के साथ धुआं मिल जाता है तब स्मॉग बनता है। स्मॉग में सूक्ष्म पर्टिकुलेट कण, ओजोन, नाइट्रोजन मोनोऑक्साइड और सल्फर डाई ऑक्साइड मौजूद होते हैं। इसमें में धूल और धातु के बहुत छोटे कण होते हैं। ये इतने छोटे होते हैं कि आखों से देखपाना आसान नहीं होता। सांस के माध्यम से ये कण हमारे फेफड़ों में पहुंचकर नुकसान पहुंचाते हैं
स्मॉग से होने वाले नुकासान
· सांस फूलने लगना
· ज़ुकाम , खांसी गले मे इंफेक्शन
· सीने में दर्द होना
· आंखे खुजलाना या आंखों में जलन होना
· टी बी, अस्थमा अथवा साइनस भी स्मॉग से होने वाले प्रमुख रोग हैं

इससे बचने के लिए सावधानियां (Prevention of Smog in Hindi)
1. तुलसी-अदरक की चाय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
2. घर के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं, छत या बालकनी पर भी कुछ गमले रखकर आप अपने आसपास की हवा को सुधारने में छोटा-सा योगदान दे सकते हैं। 
3. रात को सोने से पहले गार्गल (Gargal) कर के सोएं, ऐसा करने से गले और स्वास नली में फंसी गंदगी निकल जाती है।   स्माॉ्ग से बचाव के आसान तरिके  
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4. ऐसे मौसम में शरीर के अंदर सांस के माध्यम से काफी गंदगी अंदर चली जाती है इसे बाहर निकालने के लिए अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए।  Smog In Hindi
5 अत्यधिक जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें। बाहर निकलते समय मास्क लगाने का प्रयास करें। 
6. मास्क कई तरह के होते हैं, इन्हें आप अपनी सुविधा के अनुसार चुन सकते हैं। 
7 काली मिर्च पीसकर चूर्ण बना लें, 1 चम्मच शहद में डालकर थोड़ा सा काली मिर्च पॉवडर डालकर खाने से फेफड़े साफ होते हैं और प्रदूषण का असर कम हो जाता है। 
8. इंडोर एक्सरसाइजों पर जोर दें।  what causes smog
9. आंखों में जलन होने पर पानी से अच्छी तरह से धोएं। 
10. सुबह और रात के समय बाहर निकलने से परहेज करें। कुछ दिन के लिए मॉर्निंग वॉक छोड़ना सही विकल्प होगा। Smog Effects
11. अपनी गाड़ी इस्तेमाल करने से बेहतर है मेट्रो या अन्य सार्वजनिक साधनों का प्रयोग किया जाए। 
12. खुले में कूड़ा-करकट या पत्तियां नहीं जलानी चाहिए और दूसरों को ऐसा करने से मना करना चाहिए। जहां कूड़ा या पॉलीथीन जल रही हो वहां देर तक खड़ा नहीं रहना चाहिए। smog health effects
13. डॉक्टर की सलाह पर ऐसे वातावरण में फ्लू के इंजेक्शन भी लिए जा सकते हैं। 

Wednesday, 1 November 2017

Winter आते ही हर किसी की तबियत खराब होनी शुरु हो जाती है। किसी को सर्दी लग जाती है तो किसी का गला खराब हो जाता है। सर्द मौसम में धूप ना निकलने की वजह से शरीर की Imunity गिरने लगती है, जिससे शरीर में बीमारियां होने लगती है।   

एलर्जी के लिए सरल घरेलु नुस्खे

Winter एलर्जी से खांसी, नाक-गला बंद होना, आंखे लाल होना और खुजली होना जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। वैसे आप ठंड से तो बच सकते हैं लेकिन एलर्जी लंबे समय तक आपको परेशान कर सकती है। पालतू पशुओं की रूसी, फफूंदी और धूल कण एलर्जी के मुख्‍य कारण हैं ।एलर्जी के कारणों को जानना कठिन होता है , परन्तु कुछ आयुर्वेदिक उपाय इसे दूर करने में कारगर हो सकते हैं. आप इन्हें अपनाएं और एलर्जी से निजात पाएं

1. नीम चढी गिलोय के डंठल को छोटे टुकड़ों में काटकर इसका रस हरिद्रा खंड चूर्ण के साथ 1.5 से तीन ग्राम नियमित प्रयोग पुरानी से पुरानी एलर्जी में रामबाण औषधि है.

2. आंवले से बने पदार्थो को सेवन जरूर करेǃ आंवले का मुरब्बा या च्यावनप्राश् को सेवन करे ये अापके Immunity Power को बढाती हैं। 



3. गुनगुने निम्बू पानी का प्रातःकाल नियमित प्रयोग शरीर सें विटामिन - सी की मात्रा की पूर्ति कर एलर्जी के कारण होने वाले नजला - जुखाम जैसे लक्षणों को दूर करता है.
4. आयुर्वेद के अनुसार कफ दोष को शांत करने के लिये गरम पानी का सेवन करना चाहिये। शरीर में जब कफ दोष प्रभावित हो जाता है तभी सर्दी-जुखाम होता है।
ब्‍लैक टी की जगह पर तुलसी या अदरक की हर्बल चाय बना कर पीने से काफी आराम मिलता है। 
5. अदरख , काली मिर्च , तुलसी के चार पत्ते , लौंग एवं मिश्री को मिलाकर बनायी गयी हर्बल चाय एलर्जी से निजात दिलाती है.

6. सतर्क रहें- धूम्रपान और अगरबत्ती के उपयोग से बचें। धूल कण को रोकने के लिए कमरे के तापमान का स्‍तर न्‍यूनतम बनाए रखें। घर के सभी स्‍थानों की सफाई करते रहें। घर का फालतू सामन हटा दें और बेसमेंट भी साफ रखें। 

The top 7 natural allergy fighters


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7. प्राणायाम में कपालभाती का नियमित प्रयोग एलर्जी से मुक्ति का सरल उपाय है. कुछ सावधानियां जिन्हें अपनाकर आप एलर्जी से खुद को दूर रख सकते हैं : -

• घर में अधिक नमी न होने दें, इससे वायरस बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है।
•  कुछ आधुनिक दवाओं जैसे : एस्पिरीन , निमासूलाइड आदि का सेवन सावधानी से करना
• धूम्रपान से बचें। धूम्रपान कर रहे व्यक्ति के समीप बैठना भी एलर्जी से प्रभावित होने वाले व्यक्ति में सांस की तकलीफ और खांसी को बढ़ा देता है। 
•. सफाई का रखें विशेष ध्‍यान- घर के पर्दे, कालीन, कंबल और स्‍वेटर नियमित रूप से साफ करें और उन्‍हें धूप में सुखाएं। सजावटी फूल कमरे के अंदर ना रखें और हीटर व ए.सी. की भी सफाई रखें।
• धूल , धुआं एवं फूलों के परागकण आदि के संपर्क से बचाव. • अत्यधिक ठंडी एवं गर्म चीजों के सेवन से बचना.     नाक और गले की एलर्जी के लक्षण और उपचार
• अचानक गर्म-सर्द से बचें यानी तुरंत गर्म वातावरण से निकल कर ठंडे में बाहर न जाएं।
• फूल-पौधों को कमरे की जगह बालकनी में रखें। 
• खटाई एवं अचार के नियमित सेवन से बचना. हल्दी से बनी आयुर्वेदिक 

Friday, 27 October 2017

कम प्लेटलेट का होना, जिसे थ्रॉम्बोसिटोपेनिया  thrombocytopenia  के रूप में जाना जाता है, एक स्वास्थ्य विकार है जिसमें आपके रक्त की सामान्य संख्या प्लेटलेट्स से कम है। प्लेटलेट्स रक्त कोशिकाओं में सबसे छोटी होती हैं जो खून के थक्के में रक्त वाहिका छेद में प्लग बनाने से सहायता करते हैं। रक्तलेट में 5 से 9 दिनों के औसत जीवन काल के साथ प्लेटलेट फैलता है। एक स्वस्थ व्यक्ति में एक सामान्य प्लेटलेट की संख्या 150,000 से लेकर 450,000 Platelets  तक होती है। जब ये संख्या 150,000 प्रति माइक्रोलिट्रेटर से कम हो जाती है, तो इसे कम प्लेटलेट गिन माना जाता है। प्लेटलेट की कम संख्या के तीन संभावित कारण हैं:


कम प्लेटलेट के लक्षण :- मसूड़ों या नाक से सहज रक्तस्राव, मूत्र या मल में रक्त, लंबे समय तक रक्तस्राव,  और त्वचा में सतही रक्तस्राव के कारण त्वचा की चपेट में हैं।
महिलाओं को असामान्य रूप से भारी मासिक धर्म का अनुभव हो सकता है कम Platelets की संख्या वाले लोग भी दुर्भाग्य, थकान और सामान्य कमजोरी की शिकायत कर सकते हैं।

कुछ जीवनशैली में बदलाव और कुछ आसान-भिन्न घरेलू उपचार के साथ, आप अपने प्लेटलेट की गिनती में तेजी से सुधार कर सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। इनमें से कोई भी उपचार जारी रखें, जब तक कि आपकी प्लेटलेट की गिनती सामान्य रूप से बहाल न हो। यदि समस्या गंभीर है तो अपने चिकित्सक से परामर्श करें
Papaya पपीता के फल और इसके पत्ते दोनों ही कुछ ही दिनों में कम प्लेटलेट की संख्या को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। 2009 में, मलेशिया में एशियाई संस्थान और प्रौद्योगिकी के शोधकर्ताओं ने पाया कि पपीता के पत्ते के रस में डेंगू ज्वर का निदान करने वाले लोगों की प्लेटलेट की संख्या में वृद्धि हो सकती है।
पका हुआ पपीता खाएं या पपीता के रस का एक गिलास पानी में थोड़ा सा नींबू का रस डालकर दो या तीन बार दैनिक पीने से प्लेटलेट्स बढ़ता है  

Wheatgrass यूनिवर्सल फार्मेसी और लाइफ साइंसेज के इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित 2011 के एक अध्ययन के अनुसार, प्लेटलेट गिनती बढ़ाने में गेहूं ग्रास फायदेमंद हो सकता है।
वास्तव में, यह हीमोग्लोबिन, लाल रक्त कोशिका, कुल सफेद रक्त कोशिका और विभेदकारी सफेद रक्त कोशिका की मात्रा में महत्वपूर्ण वृद्धि का उत्पादन कर सकता है। यह इसलिए होता है क्योंकि मानव रक्त में हीमोग्लोबिन अणु के समान लगभग आणविक संरचना के साथ क्लोरोफिल में गेहूं ग्रैस उच्च होता है।
बस थोड़ा से नींबू के रस के साथ रोज मिश्रित गेहूं के रस को आधा कप पीने से प्लेटलेट्स में वृद्धि होती है ।
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Indian Gooseberries अपने प्लेटलेट की गिनती बढ़ाने के लिए एक लोकप्रिय आयुर्वेदिक उपाय भारतीय गोसेबेरी है, जिसे आमला भी कहा जाता है। आंवला में विटामिन सी प्लेटलेट्स के उत्पादन को बढ़ाने और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। हर सुबह एक खाली पेट पर 3 से 4 गोशेबरियों खाएं वैकल्पिक रूप से, आलू का रस और शहद के प्रत्येक में 2 tablespoons मिलाएं। इसे 2 या 3 बार दैनिक पिए आप घर का बना जैम ले सकते हैं।  

Vitamin-C अपने प्लेटलेट की संख्या में वृद्धि करने के लिए, आपको विटामिन सी का सेवन बढ़ाने की जरूरत है, जिसे एस्कॉर्बिक एसिड भी कहा जाता है। 199 0 में जापान के जर्नल ऑफ हेमटोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि विटामिन सी प्लेटलेट गिनती में सुधार करता है।
एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण, विटामिन सी की उच्च खुराक भी प्लेटलेटों के मुक्त-कट्टरपंथी मध्यस्थता को रोकता है। आपकी आयु और समग्र स्वास्थ्य के आधार पर आपके शरीर को प्रतिदिन 400 से 2,000 मिलीग्राम विटामिन सी की आवश्यकता होती है। नींबू, नारंगी, टमाटर, कीवी, पालक, हरी मिर्च और ब्रोकोली जैसे विटामिन सी में अधिक भोजन खाएं। आप दैनिक पूरक आहार में विटामिन सी भी ले सकते हैं, लेकिन केवल अपने चिकित्सक से सलाह लेने के बाद ही ये ले।

Pumpkin आपकी कम प्लेटलेट गिनती में सुधार करने के लिए कद्दू एक और उपयोगी भोजन है। यह विटामिन ए में समृद्ध है जो उचित प्लेटलेट विकास के समर्थन में सहायता करता है। यह कोशिकाओं में उत्पादित प्रोटीन को भी नियंत्रित करता है, जो प्लेटलेट स्तर को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। ताजा कद्दू का रस को आधा गिलास में, 1 चम्मच शहद मिलाये और इसे 2 या 3 बार एक पीना चाहिए इसके अलावा, अपने आहार में कद्दू को कद्दू प्यूरी को सूप, स्टॉज, को शामिल करें। प्लेटलेट्स बढाने के उपाय


Wednesday, 25 October 2017

Weight Gain in Hindii
लड़के व् लड़कियों का हृष्ट पुष्ट शरीर होना ज़रूरी है. सिर्फ़ दिखावा ही नहीं, बल्कि काम करने की क्षमता के लिए वजन सही होना ज़रूरी है. आयुर्वेद (Aayurved) में उस व्यक्ति को कम वजन या दुबला (Dubla) कहा जाता है जिस व्यक्ति के शरीर की नसें दिखाई देती है, शरीर में सिर्फ हड्डियाँ दिखती है और जिस व्यक्ति को काम करते वक्त जल्दी थकान लग जाती है व व्यक्ति के नितम्ब, पेट और ग्रीवा शुष्क होते हैं. लेकिन दुबलापन कोई बीमारी नहीं होती है बल्कि दुबलापन व्यक्ति के भोजन, आहार-समय और लापरवाही के कारण होता है. कोई भी युवा (Youth) वह चाहे लड़की हो या लड़का इस जवानी की Age में शरीर में कुछ वजन तो होना ही चाहिए. नहीं तो ऐसी जवानी और युवा जोश का क्या फायदा ? यह बात ध्यान रखे की कम वजन किसी को भी आपकी ओर आकर्षित नहीं कर सकता.

Monday, 16 October 2017

दीपावली भारत का एक महतवपूर्ण त्योहार है इस दिन सभी जन लक्ष्मी गणेश श्री विष्णु जी श्री कुबेर जी की पूजा अर्चना कर अपने अन्य वाले समय को खुशहाल समृद्ध बनाने के लिए करते है किन्तु सही विधि से की गई पूजा आपको  आपका मनचाहा फल देने में सक्षम है. इसलिए आज हम आपको ऐसी विधि को अवगत कराएँगे जो आपके जीवन को धन धान्य से परिपूर्ण कर आपको खुशहाल व् समृद्ध करने में मददगार साबित होगी Message :-  Save Tree, Save Life

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मां लक्ष्मी की पूजा में कलावा, रोली, सिंदूर, एक नारियल, अक्षत, लाल वस्त्र , फूल, पांच सुपारी, लौंग, पान के पत्ते, घी, कलश, कलश के लिए आम का पल्लव, चौकी, समिधा, हवन कुण्ड, हवन सामग्री, कमल गट्टे, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल), फल, बताशे, मिठाईयां, पूजा में बैठने हेतु आसन, हल्दी , अगरबत्ती, कुमकुम, इत्र, दीपक, रूई, आरती की थाली, कुशा, रक्त चंदनद, श्रीखंड चंदन पूजन सामग्री का इस्तेमाल करें.
पूजन शुरू करने से पहले चौकी को धोकर उस पर रंगोली बनाएं और चौकी के चारों तरफ चार दीपक जलाएं. जिस जगह पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा को स्‍थापित करने जा रहे हैं, वहां पर थोड़ा सा चावल रखकर लक्ष्मी की प्रतिमा को रखें. मां लक्ष्मी को प्रसन्‍न करने के लिए उनके बाईं ओर भगवान विष्‍णु की प्रतिमा को स्‍थापित करें. इनकी पूजा करने से घर की निगेटिव एनर्जी बाहर जाती है और सुख समृद्धि घर में आती है.
पुष्प, फल, सुपारी, पान, चांदी का सिक्का, नारियल (पानी वाला), मिठाई, मेवा, आदि सभी सामग्री थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेकर दीपावली पूजन के लिए संकल्प लें. सबसे पहले गजानंद की पूजा करें और इसके बाद स्‍थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन करें. कलश की स्‍थापना करें और मां लक्ष्मी का ध्यान करें. मां लक्ष्मी को इस दिन लाल वस्‍त्र जरूर पहनाएं.  पूजा के दौरान हुई किसी ज्ञात-अज्ञात भूल के लिए श्रीलक्ष्मी से क्षमा-प्रार्थना करें।
Message :-  Save Tree, Save Life
न मैं आह्वान करना जानता हूँ, न विसर्जन करना। पूजा-कर्म भी मैं नहीं जानता। हे परमेश्वरि! मुझे क्षमा करो। मन्त्र, क्रिया और भक्ति से रहित जो कुछ पूजा मैंने की है, हे देवि! वह मेरी पूजा सम्पूर्ण हो। 
यथा-सम्भव प्राप्त उपचार-वस्तुओं से मैंने जो यह पूजन किया है, उससे भगवती श्रीलक्ष्मी प्रसन्न हों। 
भगवती श्रीलक्ष्मी को यह सब पूजन समर्पित है....

लक्ष्मी मंत्र (Laxmi Mantra in Hindi)जानिए किन- किन बिमारियों को जड़ से मिटाती है - नीम
लक्ष्मी जी की पूजा के समय निम्न मंत्र का लगातार उच्चारण करते रहना चाहिए:

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (Lakshmi Puja Muhurat): शाम 07:11 से लेकर रात को 08: 16 तक

दीपावली के एक दिन पहले यानी इस बार 18 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी पड़ रही है. नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली भी कहा जाता है. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी, यम चतुर्दशी या फिर रूप चतुर्दशी कहते हैं.
इस दिन यमराज की पूजा करने और उनके लिए व्रत करने का विधान है. माना जाता है कि महाबली हनुमान जी का जन्म इसी दिन हुआ था. इसीलिए आज बजरंगबली की भी विशेष पूजा की जाती है.Message :-  Save Tree, Save Life

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