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Monday, 18 September 2017

रोमांचक वैवाहिक जीवन जीने के लिए ये नुस्खे जरूर आजमाए

 रोमांचक वैवाहिक जीवन जीने के लिए ये नुस्खे जरूर आजमाए
नपुंसकता, इरेक्टल डिस्फक्शन, कामेच्छा का अभाव, (Impotence, erectile displacement, lack of libido) जिनकी वजह से कई बार वैवाहिक जीवन टूटने की कगार पर आ जाता है। गौरतलब है कि आहार मे दूध का प्रयोग, उडद का प्रयोग, नये देसी घी का सेवन, नये अन्नॊ का सेवन, साठी चावल दूध के साथ सेवन, सूखे मेवे, खजूर , मुन्नका, सिंघडा, मधु, मक्खन, मिश्रि, आदि आहार वीर्य वर्धक होते है। जबकि इन समस्याओं से निजात पाने के लिए घरेलू और अनेकों आयुर्वेदिक उपाय हैं। आयुर्वेद में ऐसी अनेक प्रकार की जड़ी-बूटियों का उल्लेख है, जिनके सेवन से आप शारीरिक समस्याओं से निजात पा सकते हैं। वीर्य ही शरीर की सप्त धातुओं का राजा माना जाता है और ये सप्त धातुयें भोजन से प्राप्त होती हैं। इसमे सातवी धातु ही पुरुष में वीर्य बनती है। कभी-कभी वीर्य पतला होने के कारण गर्भ नहीं ठहरा पाता ऐसा तब होता है जब कोई ज्यादा मैथुन करके वीर्य को नष्ट कर देता है या अन्य दूसरी किसी बीमारी से ग्रस्त होकर जैसे:- प्रमेह, सुजाक, मूत्रघात, मूत्रकृच्छ और स्वप्नदोष आदि

1. शतावर Shatawari  : शतावर रस या आंवला रस अथवा गोखरू काढ़ा शहद में मिलाकर पीने से वीर्य शुद्ध होता है। शतावर, सफेद मूसली, असगन्ध, कौंच के बीज, गोखरू और आंवला ये सभी बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें तीन-तीन ग्राम चूर्ण सुबह-शाम खाने से धातु (वीर्य) में वृद्धि होती है।


2. ब्राह्मी  / Brahmi : ब्राह्मी, शंखपुष्पी, खरैटी, ब्रह्मदण्डी और कालीमिर्च को पीसकर खाने से वीर्य शुद्ध होता है। 
Message :-  Save Tree, Save Life
3. बबूल / Babool:  10 ग्राम बबूल की कोंपलों को 10 ग्राम मिश्री के साथ पीसकर पानी के साथ मिलाकर खाने से वीर्य की कमी व रोग दूर होते हैं। वीर्य-रोगों में लाभ होता है।

4. जायफल : जायफल, जावित्री, माजूफल मस्तगी, नागकेसर, अकरकरा, मोचरस, वनशलोचन, अजवायन, छोटी इलायची दाना 10-10 ग्राम कूट कर छान लें। कीकर की गोंद में चने बराबर गोलियां बना छाया में सूखा लें। 1-1 गोली सुबह-शाम दूध या पानी से लें। जायफल 1 ग्राम रूमीमस्तगी, लौंग, छोटी इलायची दाना 2-2 ग्राम पीसकर शहद में मिलाकर चने के बराबर गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें, संभोग (सहवास) से 2 घंटे पहले एक गोली गर्म दूध से लें। 11. राल : राल को बारीक पीसकर 1-1 ग्राम सुबह-शाम पानी से वीर्य के रोग में सेवन करें।
Message :-  Save Tree, Save Life
5. गूलर : गूलर का दूध बताशे में रख कर खाने से वीर्य शुद्ध होता है। पके गूलर का चूर्ण शहद या सेंधा नमक के साथ खाने से भी वीर्य शुद्ध होता है।

6. तालमखाना : तालमखाना मे मिश्री मिलाकर खाने से वीर्य शुद्ध यानी साफ हो जाता है। 


7. दालचीनी : दालचीनी 20 ग्राम पीसकर इसमें खांड़ 20 ग्राम मिलाकर 2-2 ग्राम की मात्रा मे सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें। दालचीनी और काले तिल 5-5 ग्राम पीस लें उसके बाद शहद में मिलाकर चने के बराबर गोलियां बना लें और छाया में सुखा दें। संभोग से 2 घंटे पहले एक गोली गर्म दूध से लें। 3 ग्राम दालचीनी का चूर्ण रात में सोते समय गरम दूध के साथ खाने से वीर्य की वृद्धि होती है। दालचीनी को बहुत ही बारीक पीस लेते हैं। इसे 4-4 ग्राम सुबह व शाम को सोते समय दूध से फांके। इससे दूध पच जाता है और वीर्य की वृद्धि होती है। 

9. असगंध / Aswagandha: असगंध, विधारा 25-25 ग्राम कूट छान कर इसमें 50 ग्राम खांड को मिलाकर 10 ग्राम की मात्रा मे सोने से पहले गुनगुने दूध के साथ सेवन करने से बल वीर्य बढ़ता है। असगंध 300 ग्राम कूट छान कर 20 ग्राम को दूध 250 मिलीलीटर में गिराकर उबालें गाढ़ा होने पर खांड़ मिला कर पी लें।

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