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Newborn Baby की स्कीन का ऐसे रखे ख्यालǃ स्कीन को होगें ये बेहतरीन फायदे।

नवजात बच्चो में होने वाली Skin Related Problem से कैसे पाये छुटकारा?

 Dipper Rash, Baby Skin Problem, child care

नवजात बच्चे की त्वचा इतनी नाज़ुक होती है कि थोड़ी भी खरोंच या रैश उन्हें बहुत अधिक परेशान कर सकती है। याद रहे कि नवजात बच्चों को रैशेस होना बहुत आम बात है जिनमें से अधिकाँश रैश से कोई नुक्सान नहीं होता तथा वे कुछ दिन बाद अपने आप ही चले जाते हैं। यहाँ हम त्वचा से संबंधित कुछ आम समस्याओं के बारे में बता रहे हैं जो अक्सर नवजात शिशुओं को हो जाती है: शिशु को मालिश की कोई जरुरत नहीं, बोलते हैं डॉक्‍टर्सbaby skin problems

कैसे आप अपने नवजात बच्चो को स्किन संबंधी रोगो से बचाये 

Dipper Rash के कारण आपके बच्चे और आपको रात भर जागना पड़ सकता है। नियमित तौर पर अपने बच्चे के डाइपर की जगह की जांच करें। यदि आपको कुछ लालिमा दिखाई दे तथा दर्द भी हो तो उस पर तुरंत डाइपर रैश क्रीम लगायें तथा जितना संभव हो उस जगह को खुला और सूखा रखें। सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे के लिए डाइपर बहुत अधिक कसा हुआ या बहुत अधिक लंबा न हो। 

शिशु में डायपर रैशेस से छुटकारा पाने का तुरंत उपाय



Child pimples: आपके बच्चे के चेहरे पर होने वाले छोटे मुंहासे एक आम समस्या है तथा कुछ ही दिनों में ये अपने आप चले जाते हैं। इस पर कुछ भी लगाने की आवश्यकता नहीं होती।
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Petroleum jelly: यह जैली अपाके बच्चे को ड्राई स्कीन‚ फटी स्कीन जैसे रोगों मे फायदा पहुचता है। डायपर लगाने से पहले अच्छी प्रकार से पेट्रोलियम जैली को स्कीन पर Apply करे‚ यह आपको बच्चे की स्कीन ओैर डायपर के बीच एक कवच का काम करेगा।rashes ke gharelu upay


Prickly Heat / Heat Rash:  ये छोटे छोटे गुलाबी दाने होते हैं जो पसीने के कारण आते हैं तथा अधिकांशत: ये गर्दन, डाइपर की जगह और काँखों में आते हैं। जितना संभव हो अपने बच्चे को ठंडा और सूखा रखें तथा उसे ढीले और सूती कपड़े पहनाएं। अपने बच्चे की त्वचा पर बहुत अधिक पावडर न लगायें - बेबी पावडर के छोटे छोटे कण बच्चा सांस के साथ अंदर ले सकता है जिसके कारण उसे असुविधा महसूस हो सकती है। बच्चे के चार से छह महीने के होने तक पावडर का उपयोग टालें।

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Yeast Infection:   बच्चे भी Yeast संक्रमण का शिकार होते हैं जो बच्चों को एंटीबायोटिक देने पर दिखाई देने लगता है। ये रैशेस सफ़ेद होते हैं तथा जीभ और मुंह पर आते हैं जबकि यीस्ट डाइपर रैश लाल रंग के होते हैं जिसमें किनारों पर लाल छोटी फुंसियां आती हैं। अपने डॉक्टर से दवाई के बारे में पूछें।


Olive oil or Coconut oil : बच्चों में यदि स्किन रैशेस दिखाई पड़ता है , तो उस पर ओलिव आयल या नारियल का तेल लगाने से उन्हें तुरंत आराम मिलेगा और जलन और खुजली में भी आराम मिलेगा। baby allergy rash
इसके अलावा विटामिन ई आयल में कॉर्ड लिवर आयल मिलाकर रैशेस पर लगाएं और रात भर छोड़ दे ,सुबह तक रैशेस ख़त्म हो जायेंगे। 
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Gentle soap. अपने बच्चे की त्वचा पर कभी भी साबुन का उपयोग न करें। साबुन त्वचा की बाहरी नमी की परत को हटा देता है। जिसकी वजह से त्वचा सुस्त, शुष्क, और सावंली बन जाती है। बच्चो की स्कीन प्रोबलमस को दुर रखने के लिए आपको सदैव ऐसे साबून का प्रयोग करना चाहीए जो उनकी त्वचा को सौम्याता और नमी बनाये रखने में मदद करे। इससे उनको रैश व खुजली जैसी त्वचा से राहत मिलेगी।newborn rash on face


धुप में खुला छोड़ें:   यह आपके बच्चे के लिए जरूरी है कि उसे थोड़ी देर धुप में छोड़ें। लेकिन कभी कभार ही अपने बच्चे को धुप में खुला छोड़ें। जब आप अपने बच्चे को धुप में खुला छोड़ते हैं तो ध्यान रहे की सूरज में बहुत लंबे समय तक अपने छोटे से बच्चे को छोड़ने पर उसकी त्वचा का रंग दब सकता है। अपने बच्चे को सूर्य के प्रकाश से बचाने के लिए आप प्राम (pram) का उपयोग भी कर सकती हैं।


White Bumps इसे मिलिया भी कहा जाता है। ये छोटे छोटे सफ़ेद स्पॉट होते हैं जो नाक पर देखे जा सकते हैं तथा ये त्वचा के छिलकों के कारण दिखाई देते हैं जो तेल ग्रंथियों को ब्लॉक (बंद) कर देते हैं। जैसे ही ये ग्रंथियां खुलती हैं वैसे ही कुछ दिनों बाद ये स्पॉट अपने आप चले जाते हैं।

मॉइस्चराइजेशन (moisturization):  यह शिशु की त्वचा की देखभाल में एक अनिवार्य कदम है बच्चे को किसी भी प्रकार की जलन से बचने के लिए सर्वश्रेष्ठ ब्रांडों का ही का उपयोग करें। सर्वोत्तम परिणामों के लिए हर 4 घंटे पे अपने बच्चे की त्वचा में मॉइस्चराइजर लगाए। यह बच्चे के रंग को बरकरार रखेगा साथ ही सूखेपन को भी दूर करेगा।
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Scrub : जब मैं बच्चे की स्क्रबिंग कहता हूँ तो इसका मतलब यह नहीं की बड़ों की तरह बच्चो की स्क्रबिंग की जाये। बच्चो की त्वचा नाजुक होती है और स्क्रबिंग नुकसान पहुंचा सकती है। शिशुओं के चेहरे और पीठ सहित उनके शरीर पर बाल होते हैं इन बालों के जड़ कमजोर होते हैं और ये अप्राकृतिक भी लगते हैं। इन बालों की जरुरत थी जब आपका बच्चे गर्भ में था। जनम के बाद आपके बच्चे को इसकी कोई जरुरत नहीं। ये खुद बा खुद ख़तम हो जाएंगे।  बेसन, पानी, दूध और बेबी तेल (baby oil) को सामान रूप से मिलाएं। इस मिश्रण को बच्चे की त्वचा पे लगाने से सभी अशुद्धियों और अनचाहे बाल हैट जाते है। यह मिश्रण त्वचा के चमक को भी बढ़ाता है और रक्त परिसंचरण को इस तरह बेहतर बनता है की बच्चे की त्वचा का रंग सुधारता है। rashes on kids


त्वचा को साफ़ करने के लिए या नहलाने के लिए गनगुने पानी का इस्तेमाल करें। बच्चे की साफ़ - सफाई पर विशेष ध्यान दें। उसे दिन में दो बार नहलाएं या उसके कपड़े बदल दें। आप का बच्चा यदि बार- बार खुजली कर रहा है तो उस थोड़ा पाउडर लगा दें। यदि अधिक परेशान है तो एलो वेरा के पत्ते से निकलने वाले चिपचिपे जेल को रैशेस पे लगा दें। बच्चे की त्वचा हमेशा सूखी रखने का प्रयास करें। उसका डायपर गीला या गन्दा हों तो तुरंत बदल दें। ब्लो डायपर सेट का प्रयोग करें जिससे बच्चे का वो भाग सूखा रहेगा। अगर आपको अपने बच्चे को रैशेस से बचाना है तो उसे प्लास्टिक पैंट न पहनाएं।skin rashes in children

तो ये है कुछ Child Rash remedyin hindi मे tips। और हमारी ये पोस्ट आपको कैसी लगी इस बारे में हमे comment के माध्यम से जरुर बताएं और हमारी website हैं (www.raambaanilaj.com/) इसकी अपडेट पाने के लिए आप हमारी website से फ्री ईमेल subscription ले सकते है साथ ही हमारे Goole+ or facebook page को फॉलो करके हमारी साथ जुड़ सकते है |
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