एक-दूसरे को और बेहतर ढंग से, और करीब से जानने का अच्छा मौका है लॉकडाउन, बेशुमार वक्त से सींचें प्रेम का पौधा

कोरोना वायरस के कारण बाहर के संसार से दूरी ने बेशक घर के भीतर लोगों के बीच नजदीकियां बढ़ा दी है। लोग अपने जीवनसाथी के साथ पहले से अधिक वक्त गुजार रहे हैं। यदि दंपती घर से ही अपने दफ्तरी कामकाज में जुटा है तो यह एक-दूसरे को और बेहतर ढंग से, और करीब से जानने का अच्छा मौका है। यह आपसी समझ को संवारने का समय भी है।

रिश्ते को रौंद सकते हैं मन केचार कड़वेसवार

बहरहाल, अमेरिकी साइकोलॉजी रिसर्चर जॉन गॉटमैन ने चार ऐसे व्यवहारों के बारे में बताया है जो दंपती के बीच रिश्ता टूटने की अहम वजह बनते हैं। वे इन्हें मन के चार कड़वे सवार कहते हैं, तो जीवन-भर के रिश्ते को रौंद सकते हैं। अब चौबीसों घंटे साथ रहने के कारण ऐसे बर्ताव की संभावना भी बढ़ गई है। ऐसे में आवश्यक है कि पति-पत्नी सजग रहें।

  • नकारात्मक आलोचना: यदि दंपती के बीच एक-दूसरे को नीचा दिखाने के उद्देश्य से आलोचना होती है तो यह रिश्ते के लिए बहुत घातक साबित होती है। मनोचिकित्सक बताते हैं कि नकारात्मक आलोचना में ‘हमेशा’ और ‘कभी नहीं’ शब्दों का समावेश होता है, जैसे ‘तुम हमेशा ऐसा ही करती/करते हो’ या ‘तुम कभी नहीं सुनते/सुनती’। ऐसे शब्दों और रवैए से बचें।
  • अपमान करना: बोलकर, किसी कार्य के जरिए या सिर्फ भाव-भंगिमा द्वारा किया गया अपमान बहुत पीड़ादायक हो सकता है। मसलन, आपका साथी आपसे कुछ कहना चाह रहा है और आप अनसुना करके कह दें ‘तुम अब फिर से मत चालू हो जाना।’ इस तरह की छोटी-छोटी चीजें रिश्ते में दरार ले आती हैं। बात सुन लें या जब चैन से सुन सकें, वो समय बता दें।
  • पलटवार करना: यह एक प्रतिहिंसा है जो अक्सर आलोचना के जवाब में होती है। लोग खुद को पीड़ित महसूस करने पर ऐसा कर बैठते हैं। वे साथी में अपराध बोध पैदा करने की कोशिश करते हैं कि उनके दर्द का कारण वही (साथी) है। जब व्यक्ति लगातार स्वयं को पीड़ित महसूस करता है, तो वह यह मान लेता है कि मैं सही हूं और सामने वाला हमेशा गलत, तब वह इस तरह पलटवार करने से नहीं हिचकता। यह दोनों के लिए सावधान रहने की बात है।
  • दीवार खड़ी करना: ऐसे अवरोध खड़े करना जिनके चलते साथी के साथ कम से कम बातचीत और आमना-सामना हो। नजरअंदाज करना, साथी के कमरे में आते ही दूसरे कमरे में चले जाना आदि ऐसी चीजें हैं जो दो लोगों के बीच दीवार खड़ी करती हैं।

रिश्ते की डोर सुलझी रहे

इन चार कड़वे सवारों से अपने रिश्ते को बचाए रखने में आपसी समन्वय और समझ की खास भूमिका होती है। चंद उपाय हम सुझा रहे हैं-

  • अपने रिश्ते पर एक स्वस्थ नजर बनाए रखें। देखें कि आपके बीच कितने सकारात्मक और नकारात्मक वाकये हुए हैं। कोशिश करें कि सकारात्मक और नकारात्मक प्रसंगों का अनुपात 5:1 हो। यानी कम से कम पांच बार प्यार, अच्छी चर्चा, हंसी-मजाक आदि हो, एकाध बार ही छोटी-मोटी झड़प।
  • धैर्य से साथी की बात सुनें। कई बार उन्हें सिर्फ सुने जाने की दरकार होती है, सलाह या सहानुभूति नहीं चाहिए होती। धैर्य से सुनें, उनकी भावनाएं समझें।
  • एक-दूसरे की सुरक्षा का ख्याल रखें। उन्हें बताएं कि उनकी सुरक्षा आपके लिए मायने रखती है और सुरक्षित रखने के लिए आप क्या कदम उठा रहे/रही हैं।
  • घर का नया रुटीन तैयार करें। इसमें आपके साथी के साथ क्वालिटी वक्त बिताना भी जरूरी है।
  • इस नए रुटीन में दोनों अपने लिए व्यक्तिगत समय भी रखें। उस समय में दोनों अपनी रुचि के कार्यों को करें, परिवार के बाकी सदस्यों का ख्याल रखें।
  • इस समय को अच्छी आदतों के निर्माण में भी लगाएं। पहले व्यस्तता के चलते खाने और सोने का समय बिगड़ता था। अब इसे सुधार सकते हैं। साथ ही सभी सदस्यों के साथ मिलकर राेजाना आधे घंटे का समय व्यायाम के लिए जरूर निकालें।


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