हिम्मत करने वालों की हार नहीं होती, ये सिखाया उसने जो बिना पैरों के कार ड्राइव कर बनी इंस्पिरेशन

अपनी कमियों को छिपाकर अवसर कैसे तलाशे जाते हैं, ये अगर सीखना है तो केरल के इडुकी मेंरहने वाली जिलोमोल मैरियट थॉमस को देखकर सीखाजा सकता है। 28 वर्षीय जिलोमोल के बचपन से ही दोनों हाथ नहीं थे।

इस शारीरिक विकलांगता के बाद भी वे एशिया की पहली ऐसी महिला हैं जिन्हें हाथ न होने के बाद भी ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त है। सोशल मीडिया पर उनकी ऐसी कई तस्वीरें वायरल है जिन्हें देखकर उनके साहस को सलाम करने का मन करता है। वे अपने पैरों से ड्राइविंग करती देखी जा सकती हैं।

अपनी मेहनत और साहस के बल पर उन तमाम शारीरिक विकलांग महिलाओं के लिए आदर्श स्थापित करने वाली यह महिलाकार को स्टार्ट करने के लिए घुटने और पैरों का इस्तेमाल करती हैं। वे पूरे आत्मविश्वास के साथ सड़क पर कार के ब्रेक को नियंत्रित करते हुए देखी जा सकती हैं।

पिछले दिनों उनके वायरल वीडियो आनंद महिंद्रा ने देखे। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर जिलोमोल के साहस की तारीफ भी की।

इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर जीवन में कैसे कामयाबी मिलती है, ये अगर आप जानना चाहते हैं तो जिलोमोल को देखकर सीख सकते हैं।



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पैरों से कार चलाती जिलोमोल का आत्मविश्वास तारीफ के काबिल है।


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