साइकोलॉजिस्ट मोनिका शर्मा बता रही हैं वर्क फ्रॉम होम के दौरान कामकाजी महिलाओं के लिए क्या जरूरी है और किन बातों को कहें ना

प्रायवेट कंपनी में काम करने वाली साक्षी को इस बात की शिकायत है कि जो काम ऑफिस में आठ घंटे में पूरा हो जाता था, वही वर्क फ्रॉम करते हुए 10 से 12 घंटे में पूरा होता है। साक्षी काम के बीच में कभी बच्चों की फरमाईश पूरी करने में लग जाती हैं तो कभी खाना बनाने में उनका काफी समय बीत जाता है। ऐसे में जिस दिन काम वाली बाई न आए तो समझो कंप्यूटर से किचन तक सारे दिन वे परेशान होती रहती हैं।

श्रद्धा घर में रहते हुए अपने ऑफिसके काम की शुरुआत सुबहनौ बजे से करती हैं। इसी बीच सबके लिए नाश्ता और सास-ससुर का ख्याल रखना भी उन्हीं की जिम्मेदारी होती है। वे ऑफिस के काम को किसी हालत में छोड़ना नहीं चाहती, साथ ही घर की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाती हैं। लेकिन इन सबके बीच खुद के लिए उनके पास कितना समय होता है। इसका जवाब वे देती हैं कि एक पल भी नहीं।

इन दिनों घर से काम कर रही महिलाएं ऐसी ही तमाम दिक्कतों का सामना कर रही हैं। महिलाओं की इन मुश्किलों का हल इन दस टिप्स के माध्यम से बता रही हैं दिल्ली की साइकोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका शर्मा :

1. घर के हर सदस्य को यह समझाएं कि आपके लिए जितना जरूरी घर का काम है, उतना ही जरूरी ऑफिस के काम भी है। छोटे-छोटे कामों का तनाव लेने के बजाय काम को घर के हर सदस्य के साथ शेयर करना सीखें।

2. अगर आपको लगता है कि आपकी बात किए बिना ही घर और ऑफिस के लोग आपकी परेशानी समझ जाएंगे तो आप गलत हैं। आपकी दूसरों से जो भी आशा हैं, वे उन्हें कह कर देखें। आपकेबात करने से ही उचित हल निकल सकेगा।

3. तनाव से बचने के लिए अपनी आशाओं को सीमित रखना सीखें। अगर आप सबसे ज्यादा उम्मीदे रखेंगी तो उनके पूरी न होने पर आपको दुख होगा। इसका असर आपकी पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों लाइफ को प्रभावित करेगा।

4. आप चाहे कितनी ही व्यस्त क्यों न हो लेकिन हर दिन कोई एक काम जरूर करें जिससे आपको खुशी मिले। आपको टेंशन फ्री रखने में यही "मी टाइम' मुख्य भूमिका निभा सकता है। इसका महत्व समझें।

5. हर जगह परफेक्शनिस्ट बनने का विचार त्याग दें। घर से ऑफिस का काम करना आपके लिए चुनौती से भरा है। इसलिए प्राथमिकता के आधार पर घर और ऑफिस के काम को चुनें। वरनाये दोनों ही मोर्चे आपकी चिंता को बढ़ा देंगे।

6. सुबह उठते ही आप दिनभर की योजना बना लें। फिर उसी के अनुसार घर और ऑफिस के काम निपटाएं। अगर कभी आपकी प्लानिंगके अनुसार कोई काम न भी हो पाए तो खुद को दोष न दें। जरूरी नहीं है आप हमेशा जैसा चाहे वैसा ही काम हो।

7. ऑफिस और काम के बीच कुछ समय मेडिटेशन और फिजिकल वर्कआउट को दें। अच्छा होगा अगर बच्चों के साथ मिलकर वर्कआउट किया जाए। इस तरह आपको बच्चों के साथ एंजॉय करने का मौका मिलेगा और माइंड रिलैक्स होगा।

8. पति या सास-ससुर के साथ दिन का कुछ समय जरूर बिताएं। आप चाहें तो सुबह और शाम की चाय उनके साथ बैठकर पिएं। इस दाैरान माहौल को हल्का करने वाली बातें करें ताकि बेवजह घर में तनाव न हो।

9. ऑफिस के कुछ काम एडवांस में करके रखें। इस तरह आप काम के अतिरिक्त बोझ से बच सकेंगी। अगर किसी दिन घर में काम ज्यादा हो तो यही एडवांस काम आपके वर्क लोड को कम करने में भी पूरी तरह मदद करेगा।

10. हर हाल में अपराधबोध से बचें। जो आप आज नहीं कर पाईं, वो कल बेहतर तरीके से हो सकता है। अगर आपको ऑफिशियल प्रोजेक्ट समय पर पूरा न हो पाए या घर का कोई काम रह जाए तो उसे लेकरगिल्ट में रहने के बजाय अपनी सोच को पॉजिटिव रखें।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Psychologist Monica Sharma explains what is necessary for working women during work from home and what not to say


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3eXtAkq
via IFTTT

Post a comment

0 Comments