ट्रांसजेंडर राजकुमारी की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बाद भी 8 बच्चों को गोद लेकर कर रहीं परवरिश, कोरोना काल में 1 लाख लोगों को बांट चुकी हैं अनाज

ट्रांसजेंडर्स को आज भी हमारे समाज में वो सम्मान नहीं मिला है, जिसकी वो हकदार हैं। कई परेशानियों का सामना करने के बाद भी आए दिन हम उन ट्रांसजेंडर्स के बारे में सुनते हैं जो समाज के लिए मिसाल बने हुए हैं।

ऐसी ही ट्रांसजेंडर महिलाओं में से एक हैं राजकुमारी जो जीवन में कड़े संघर्ष के बाद भी आज समाज के लिए मिसाल बनी हुई हैं।

उनके माता-पिता ने उन्हें ये कहकर निकाल दिया था कि वे परिवार पर कलंक हैं। इसके बाद भी राजकुमारी ने हार नहीं मानी और अपने पैरों पर खड़ी हुईं।

घर से निकल जाने के बाद उन्होंने समाज के ताने भी सहे लेकिन लोगों के डर से जिंदगी में कभी निराशा को गले नहीं लगाया। राजकुमारी ने कई अनाथ बच्चों को गोद लिया। उन्होंने कई जरूरतमंदों की शादियां भी करवाईं।

राजकुमारी ने आठ बच्चों को गोद लिया और मां की तरह उनकी जिम्मेदारी संभाली है।

राजकुमारी अपनी मेहनत से इकट्‌ठे किए गए पैसों से गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करती हैं। गरीबों के पालन पोषण के लिए अपनी आमदनी से वे 75% हिस्सा दान करती हैं।

वे कभी मदद से पीछे नहीं हटती हैं। राजकुमारी ने अब तक आठ बच्चों को गोद लिया और मां की तरह उनकी जिम्मेदारी संभाली है।

उनका सारा खर्च भी वे खुद ही उठाती हैं। इसके अलावा इस महिला ने 1000 लड़कियों की शादी करवा कर समाज में एक मिसाल कायम की है।
राजकुमारी को लोगों के घर जाकर नाचते या गाते हुए जो गहने मिलते हैं, उन्हें वे आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को दे देती हैं।

राजकुमारी कोरोना काल में लोगों को 1 लाख का अनाज बांट चुकी हैं।

जब से कोरोना वायरस का प्रकोप शुरू हुआ है तब से आज तक गरीबों के बीच वे 1 लाख का अनाज बांट चुकी हैं। इसी के साथ उन्होंने लोगों को कपड़े भी बांटे।
राजकुमारी के अनुसार मेरी खुद की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। इसके बाद भी मैं रोज बीस लोगों का पेट भरती हूं।



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Even after the financial status of the transgender princess is not correct, raising 8 children, raising food, has distributed food grains to 1 lakh people during the Corona period


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