बेरूत विस्फोट के वक्त अस्पताल में तीन बच्चों को बचाने वाली नर्स को सलाम, अपने जान की परवाह किए बिना पूरा किया फर्ज

5 अगस्त को सेंट्रल बेरूत में दोपहर के वक्त हुए विस्फोट से राजधानी के कई हिस्से हिल गए और शहर से घना काला धुआं उठने लगा। ये धमाका इतना तेज था कि घरों की खिड़कियां और फॉल्स सीलिंग टूट गईं। इस तेज धमाके की आवाज 150 किमी दूर तक सुनाई दी।

इस विस्फोट से कोरोना महामारी का सामना कर रहे मरीजों और अस्पतालों को भी काफी नुकसान हुआ। ऐसे वक्त में फोटोग्राफर बिलाल मैरी जेविश ने सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर की नर्स का ये फोटो खिंचा।

इस महिला ने ब्लू ड्रेस पहनी है और इसके गले में मास्क लटका हुआ है। फोटो में वह तीन बच्चों को खुद से चिपकाएं हुए फोन पर बात करती नजर आ रही है। बिलाल मैरी का कहना है कि मैं पिछले 16 सालों से कई बड़ी घटनाओं को अपने कैमरे में कैद कर चुका हूं।

लेकिन इस तरह की दिल छू लेने वाली फोटो मैंने कभी नहीं खिंची। इस नर्स के आसपास कई मरीजों की लाश बिछी हुई थी। यहां फोन पर बात करना भी आसान नहीं था। ऐसे में उसने अपना फर्ज पूरा करते हुए तीन न्यू बोर्न बेबी को सीने से लगाए रखा।

ऐसे हालातों में भी अपनी जान की परवाह किए बिना अस्पताल के डॉक्टर्स और नर्स लोगों की सेवा में लगे हुए हैं। ''अल अरेबिया इंग्लिश'' को दिए गए इंटरव्यू में हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बताया - ''हम सभी मरीजों को इमर्जेंसी बिल्डिंग में शिफ्ट कर रहे हैं।

वहां से उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में शिफ्ट किया जाएगा क्योंकि हमारे अस्पताल में मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा है। ऐसे में हम और क्या कर सकते हैं''। इस अस्पताल के अधिकांश मरीजों को खिड़की और दरवाजों में लगे शीशे टूटने की वजह से गंभीर चोटें आई हैं।



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Salute to the nurse who saved three children in the hospital at the time of Beirut blast, fulfilled duty regardless of his life


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