कोरोना पॉजिटिव राधिका एब्रोल के दिल की बात, इस बीमारी की गंभीरता को समझें ताकि आपको मेरी तरह 5 साल के बच्चे से अलग होम क्वारेंटाइन में न रहना पड़े

दिल्ली की राधिका एब्रोल सफदरजंग एन्क्लेव से निगम पार्षद और एजुकेशन कमेटी की डिप्टी चेयरपर्सन हैं। राधिका दिल्ली यूनिवर्सिटी से फिलॉसफी में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। वे लीड्स यूनिवर्सिटी, लंदन की स्टूडेंट भी रही हैं। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो शेयर करके अपने कोरोना पॉजिटिव होने की खबर दी है।

अपने वीडियो के जरिये शुरुआत में उन्होंने कोरोना के लक्षणों के बारे में बताया। राधिका ने कहा कि पांच दिन से उन्हें बुखार था। उसके बाद सर्दी-जुकाम और खांसी हुई। मैंने समझा ये मामूली बात है क्योंकि मुझे एलर्जी प्राब्लम है।

तब एक बार भी मैंने यह नहीं सोचा कि मुझे कोरोना है। लेकिन ऐसा नहीं है। ये बीमारी किसी को भी हो सकती है। उनके साथ वाले लोग कहते थे कि ये कोई बीमारी नहीं है। इसे ऐसे ही हौव्वा बनाया हुआ है। लेकिन यह सच में एक गंभीर बीमारी है। यह कोई हौव्वा नहीं है।

अगर आप कोरोना पॉजिटिव हैं तो धैर्य से काम लें। इन हालातों में आपका खुश रहना भी जरूरी है। वे आगे कहती हैं इन दिनों इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि अगर आपके लिए बाहर जाना जरूरी नहीं है तो मत जाइए और घर में ही रहिए।

राधिका के अनुसार, ''लोगों को लगता है कि कोरोना की बातें नेता अपनी पब्लिसिटी के लिए करते हैं। काश यह सब सिर्फ पब्लिसिटी के लिए होता। जबकि ऐसा नहीं है। काश मुझे ये फोन आता कि मेरी रिपोर्ट्स निगेटिव हैं''।

राधिका को इस बात का दुख है कि होम क्वारेंटान में रहते हुए वह अपने पांच साल के बेटे से नहीं मिल पा रही है। उसका बेटा भी यह नहीं समझ पा रहा है कि उसे अपनी मां से क्यों नहीं मिलना है।



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Heart of Corona positive Radhika Abrol, understand the seriousness of the disease so that you don't have to live in home quarantine except a 5 year old child like me


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